जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं!

मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है … जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं!!!!!

भावार्थ  🏌
*लेखक को लोकल रंडि मे रूची नही है..  वो बैंकाक - पटाया जा के ठोकना चाहता है* 😂