वक़्त वक़्त की बात हैं

सबकी जिंदगी बदल गयी
एक नए सिरे में ढल गयी

कोई gilfriend में busy है
कोई बीवी के पीछे crazy हैं

किसी को नौकरी से फुरसत नही
किसी को दोस्तों की जरुरत नही

कोई पढने में डूबा है तो
किसी की दो दो महबूबा हैं

सारे यार गुम हो गये हैं
तू से आप और तुम हो गये है

कोई hello बोल कर
formality करता हैं
कोई बात न करने के लिए
 guilty करता हैं

वक़्त वक़्त की बात हैं
किसी ने number save किया

किसी ने अजनबी सा
behave किया

माना के अब हम साथ नही है
पर चुप चुप रहने की भी
कोई बात तो नही हैं

कभी मिलो तो बोल लिया करो
बंद गांठो को खोल लिया करो

शिकायत हो तो दूर करो यारो
पर  एक दुसरे से
दुर तो न रहो ..

इस दोस्ती  को यूंही
बनाये रखना;
दिल में यादों के चिराग
जलाये रfखना;

बहुत प्यारा सफ़र रहा
साल 2015 का;
 अपना साथ 2016 में भी
बनाये रखना...