जिस दिन जाटा के फसगी

भाई एक बै एक जाट का ब्याह ना होवे था . वो गया शिवजी भोले के मन्दिर मैं और बोला भोले शंकर जै तू मेरा ब्याह करवादे तै. मैं तेरे झोटा चडाउंगा . इब कुछ दिन बाद उसका ब्याह हो गया . वो तै आगले ही दिन ले कै पहुँच गया मन्दिर मैं . इब बाँध झोटे नै शिव लिंग कै और घर चला गया . इब. झोटा भाज लिया शिव लिंग समेत पाड़ कै . इब आगे आगे झोटा और पाछे पाछे शिव शंकर घिसट ते जान लाग रे . जब झोटा देवी माई के मन्दिर आगे तै गुजरा तो देवी माई बोली -- शिव शंकर जी आज एशि हालत में कैसे . क्या बात हो गई शंकर जी बोल्ये -- अरे देवी माई ताने बामण - बनिए पूजै सै जिस दिन जाटा के फसगी तो न्यू ये घिसड्ती हांडे गी .