जरा जीने का बदलकर ढंग देख

दिल में बढ़ती हुई ख्वाहिशों की उमंग देखो,
कैसा है आज फिजा का रंग देखो,
एक ख्वाब टूट जाने से आँखें नम ना करो,
सागर में बनती मिटती लहरों की तरंग देखो,
जिन्दगी तब भी हँशीन थी अब भी है,
जरा जीने का बदलकर ढंग देखो,
फिर से लो प्रेरणा लहरों की तरंगों से,
चलो फिर राह-ए-हौंशले के संग देखो